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जानें बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठगाय या à¤à¥ˆà¤‚स कौन सा दूध है बेहतर, किस उमà¥à¤° में कितना दूध पीने से मिलेगा फायदा
घर पर ननà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मेहमान के आने के साथ ही परिवार का हर सदसà¥à¤¯ उसे अचà¥à¤›à¥€ परवरिश और खà¥à¤°à¤¾à¤• देने में जà¥à¤Ÿ जाता है। à¤à¤¸à¥€ ही à¤à¤• कोशिश के चलते à¤à¤• सवाल जो हर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को परेशान करता है वो है,...
घर पर ननà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मेहमान के आने के साथ ही परिवार का हर सदसà¥à¤¯ उसे अचà¥à¤›à¥€ परवरिश और खà¥à¤°à¤¾à¤• देने में जà¥à¤Ÿ जाता है। à¤à¤¸à¥€ ही à¤à¤• कोशिश के चलते à¤à¤• सवाल जो हर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को परेशान करता है वो है, बचà¥à¤šà¥‡ की अचà¥à¤›à¥€ सेहत के लिठगाय या à¤à¥ˆà¤‚स, किसका दूध बेहतर विकलà¥à¤ª है। अगर आपके मन को à¤à¥€ यही सवाल परेशान करता है तो अब परेशान होना छोड़ दीजिà¤à¥¤ आइठजानते हैं बचà¥à¤šà¥‡ के विकास और सेहत के लिठकौन सा दूध सबसे बेहतर है और किस उमà¥à¤° के वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को कौन सा दूध कितनी मातà¥à¤°à¤¾ में पीने से लाठमिलता है।
गाय या à¤à¥ˆà¤‚स का दूध-बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठकà¥à¤¯à¤¾ है बेहतर-
आपको सà¥à¤¨à¤•र हैरानी होगी कि छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठगाय और à¤à¥ˆà¤‚स के दूध से à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फायदेमंद पाउडर मिलà¥à¤• होता है। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि गाय या à¤à¥ˆà¤‚स के दूध में मिलावट की गà¥à¤‚जाइश बनी रहती है। लेकिन यदि आप अपने सामने गाय या à¤à¥ˆà¤‚स का दूध निकलवाकर लाते हैं तो आप बचà¥à¤šà¥‡ को यह दूध पीला सकते हैं। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठकहा जाता है कि गाय का दूध जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बेहतर होता है। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¥ˆà¤‚स के दूध में गाय के दूध के मà¥à¤•ाबले जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फैट होता है। गाय के 100 मिली दूध में करीब 65-70 कैलरी होती है, जोकि मां के दूध जितनी ही है। इसके अलावा गाय के दूध में फैट à¤à¥€ कम होता है। à¤à¥ˆà¤‚स के 100 मिली दूध में 117 कैलरी होती है।
किस उमà¥à¤° में कितना दूध पीना सही-
डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ की मानें तो दूध à¤à¤• कंपà¥à¤²à¥€à¤Ÿ फूड डाइट है। दूध में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° सारे जरूरी पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और अमीनो à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¥à¤¸ पाठजाते हैं। आइठजानते हैं किस उमà¥à¤° के वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को कितना दूध पीना चाहिà¤à¥¤
-1 से 2 साल के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के दिमागी विकास को बेहतर बनाने के लिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फैट वाली डाइट की जरूरत होती है, इसलिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ फà¥à¤² कà¥à¤°à¥€à¤® मिलà¥à¤• देना चाहिà¤à¥¤ इसके लिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ रोजाना दिन में 3-4 कप दूध (करीब 800-900 मिली) पीना जरूरी है।
-2 से 3 साल के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को रोजाना दो कप दूध या दूध से बनी चीजें देनी चाहिà¤à¥¤
- 4-8 साल की उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को ढाई कप दूध और दूध से बनी चीजों जैसे- पनीर, दही आदि रोजाना देना जरूरी है।
-9 साल से जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को रोजाना करीब 3 कप दूध या दूध से बने हà¥à¤ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ जैसे- दही, पनीर आदि देना चाहिà¤à¥¤
किस रोग से पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को कौन सा दूध पीना चाहिà¤-
-मोटापे से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ लोगों को à¤à¥ˆà¤‚स के दूध का सेवन करने से परहेज करना चाहिठऔर कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² के मरीजों को गाय के दूध से परहेज करना चाहिà¤à¥¤
-कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² और फैट से बचने के लिठटोंड या डबल टोंड दूध पीना बेहतर है।
à¤à¤¸à¥‡ करें अचà¥à¤›à¥‡ दूध की पहचान-
दूध के रंग, सà¥à¤µà¤¾à¤¦ और गाढ़ेपन से उसकी अचà¥à¤›à¥€ बà¥à¤°à¥€ कà¥à¤µà¥‰à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ की पहचान की जा सकती है। अगर इनमें कà¥à¤› असामानà¥à¤¯à¤¤à¤¾ नजर आठतो दूध में मिलावट हो सकती है। दूध में मिलावट देखने के लिठआप उसमें अपनी à¤à¤• उंगली डाल कर à¤à¥€ देख सकते हैं। अगर दूध में जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ में पानी होगा तो वह ऊपर की तरफ आ जाà¤à¤—ा।
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